1 Year BEd Course: शिक्षक बनने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए बीएड डिग्री एक जरूरी और पेशेवर योग्यता मानी जाती है। समय-समय पर इसके नियमों को लेकर कई तरह की चर्चाएं होती रहती हैं, लेकिन किसी भी बड़े बदलाव को लागू करने से पहले संबंधित संस्थाओं द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाती है। शिक्षा से जुड़े फैसले सीधे लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े होते हैं, इसलिए इन्हें पारदर्शी प्रक्रिया के तहत ही लागू किया जाता है।
बीएड कोर्स की मौजूदा स्थिति
वर्तमान समय में भारत में बीएड कोर्स की अवधि दो वर्ष निर्धारित है और यह नियम पूरे देश में लागू है। इस अवधि को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए तय किया था। दो साल के कोर्स में छात्रों को शिक्षण तकनीक, शैक्षिक मनोविज्ञान, पाठ्यक्रम निर्माण और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का विस्तृत अनुभव मिलता है।
इस कोर्स में कुल चार सेमेस्टर होते हैं, जिनमें थ्योरी के साथ-साथ स्कूल इंटर्नशिप भी शामिल रहती है। इंटर्नशिप के दौरान छात्र वास्तविक कक्षा में पढ़ाने का अनुभव हासिल करते हैं, जिससे उनकी शिक्षण क्षमता और आत्मविश्वास दोनों मजबूत होते हैं।
1 Year BEd Course एनसीटीई की भूमिका और जिम्मेदारी
भारत में शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निगरानी और मान्यता देने का काम एनसीटीई करता है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को बीएड चलाने की अनुमति भी यही संस्था देती है। कोर्स की अवधि, सिलेबस, प्रवेश प्रक्रिया और मूल्यांकन से जुड़े सभी नियम एनसीटीई द्वारा तय किए जाते हैं।
यदि भविष्य में बीएड की अवधि या संरचना में बदलाव किया जाता है तो पहले शिक्षाविदों और विशेषज्ञों से सलाह ली जाती है, फिर प्रस्ताव को सार्वजनिक किया जाता है और अंत में आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी होता है। बिना अधिसूचना के किसी भी बदलाव को मान्य नहीं माना जाता।
1 Year BEd Course को लेकर फैली गलतफहमियां
हाल के समय में सोशल मीडिया पर 1 Year BEd Course को लेकर कई तरह की भ्रामक खबरें देखने को मिलती हैं। कुछ गैर-मान्यता प्राप्त संस्थान छात्रों को आकर्षित करने के लिए कम समय में बीएड पूरा कराने का दावा करते हैं। ऐसी डिग्री भविष्य में किसी भी शिक्षक भर्ती में स्वीकार नहीं की जाती।
इस तरह की अफवाहों से छात्रों को आर्थिक और करियर दोनों तरह का नुकसान हो सकता है। इसलिए किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट से सत्यापन करना बेहद जरूरी है।
बीएड कोर्स की पात्रता
दो वर्षीय बीएड में प्रवेश के लिए उम्मीदवार के पास स्नातक डिग्री होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक और आरक्षित वर्गों के लिए लगभग 45 प्रतिशत अंक की आवश्यकता होती है। कई राज्यों में प्रवेश परीक्षा आयोजित होती है, जबकि कुछ जगहों पर मेरिट के आधार पर एडमिशन दिया जाता है।
इसके अलावा चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए-बीएड या बीएससी-बीएड कार्यक्रम भी उपलब्ध हैं, जिनमें छात्र 12वीं के बाद सीधे प्रवेश ले सकते हैं। ये कोर्स उन छात्रों के लिए बेहतर विकल्प हैं जो शुरू से ही शिक्षण क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।
शिक्षक भर्ती में मान्यता क्यों जरूरी है
सरकारी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और अन्य शिक्षा संस्थानों में भर्ती के लिए केवल एनसीटीई मान्यता प्राप्त बीएड डिग्री ही मान्य होती है। इसके अलावा टीईटी या सीटीईटी जैसी शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में बैठने के लिए भी वैध बीएड डिग्री अनिवार्य है।
यदि कोई छात्र गैर-मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री लेता है तो उसे शिक्षक भर्ती में आवेदन करने का मौका नहीं मिल पाएगा। इसलिए प्रवेश लेने से पहले कॉलेज की मान्यता जरूर जांचनी चाहिए।
सही जानकारी कहां से लें
बीएड कोर्स से जुड़ी ताजा और सही जानकारी के लिए एनसीटीई की आधिकारिक वेबसाइट और शिक्षा मंत्रालय के पोर्टल को ही भरोसेमंद माना जाता है। यूजीसी की वेबसाइट पर विश्वविद्यालयों की मान्यता भी देखी जा सकती है। किसी भी निजी वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट पर आंख बंद करके भरोसा करना ठीक नहीं है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
जो छात्र शिक्षक बनना चाहते हैं उन्हें वर्तमान नियमों के अनुसार दो वर्षीय बीएड कोर्स की तैयारी करनी चाहिए और मान्यता प्राप्त संस्थान में ही प्रवेश लेना चाहिए। पढ़ाई के दौरान प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और शिक्षण कौशल पर ध्यान देना भविष्य के लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा।
अगर भविष्य में बीएड कोर्स से जुड़े नियमों में कोई बदलाव होता है तो उसकी आधिकारिक घोषणा जरूर की जाएगी। फिलहाल छात्रों को अफवाहों से दूर रहकर सही जानकारी के आधार पर ही अपना करियर प्लान करना चाहिए।
